संत हमे समझाते हैं कि अपनी वर्तमान अवस्था को सुधारने के लिए सबसे पहले हमें यह समझना चाहिए कि कौन से विचार और कर्म, हमें शांति और सामंजस्य की अवस्था की ओर ले जाते हैं। हमारी इच्छाएं विचारों को दिशा देते हैं और विचार हमारे कर्मों को निर्धारित करते हैं। कोई भी कार्य करने से पहले एक इच्छा, एक इरादा या एक प्रेरणा की तरंग मन में उठती है। पहले मन में इच्छा पैदा होती है, फिर मन उस पर विचार करता है और तब किसी भी क्षण उसके अनुसार कार्य करने को विवश हो जाता है।
True Knowledge
मेरा नाम कनिक है और मैं एक शिक्षक हूं मुझे साहित्य में और कथा वाचक जैसे अमूल्य चीजों में बहुत ज्यादा रुचि है मुझे संतों की संगति में रहना बहुत ही ज्यादा अच्छा भी लगता है क्योंकि उनकी हर वाक्य में कोई ना कोई मानव कल्याण अर्थ छुपा होता है मैं इस ब्लॉग के जरिए कुछ बड़ी ही मजेदार कहानियां जिसमें कोई अर्थ छुपा हो या जिसमें हमें कुछ मार्गदर्शन मिले ऐसे कई तरह की संतों की गुरुओं की कहानियां मैं आप सबके सामने लाता रहूंगा | उनमें से भी कई ऐसे वाक्य और श्लोक और उनके अर्थ मैं आपके सामने हमेशा लाता रहूंगा |
शनिवार, 31 जुलाई 2021
हमारे कर्मों का फल । The fruit of our deeds
मंगलवार, 27 जुलाई 2021
ईश्वर पर विश्वास I faith in god
दोस्तों एक बार की बात है झाड़े का दिन था | और शाम होने वाली थी | आसमान में बादल छाए हुए थे | नीम के पेड़ पर बहुत कौवे बैठे हुए थे | वह बार-बार कांव-कांव कर रहे थे | और एक दूसरे से झगड़ा भी कर रहे थे ,उस समय एक मैंना वहां आई, और उसी पेड़ की एक डाल पर बैठ गई | मैना को देखते ही कई कौवे उस पर टूट पड़े बेचारी मैना ने कहा बादल बहुत है ,इसलिए अंधेरा बहुत हो गया है| और मैं अपना घोंसला भी भूल गई हूं | इसलिए आज रात मुझे यहां बैठने दो कौवो ने कहा 'नहीं यह हमारा पेड़ है, तू यहां से भाग जा मैना बोली यह पेड़ ईश्वर ने बनाए हैं इस सर्दी में अगर वर्षा हुई और ओले पड़े ईश्वर ही हमें बचा सकते हैं | मैं बहुत छोटी हूं और तुम्हारी बहन भी हूं ,तुम लोग मुझ पर दया करो और मुझे यहां बैठने दो कौवो ने कहा तेरी जैसी बहन हमें नहीं चाहिए तू बहुत ईश्वर का नाम लेती है ईश्वर के भरोसे ही तू यहां से चली क्यों नहीं जाती तू नहीं जाएगी तो हम सब तुझे मार देंगे कौवो को कांव-कांव करते अपनी तरफ झपटते देखकर बेचारी मैना वहां से उड़ गई और थोड़ी दूर जाकर एक आम के पेड़ पर बैठ गई रात को आंधी आई बादल गरजे और बड़े-बड़े ओले बरसने लगे कौवे कांव-कांव करके चिल्लाए इधर से उधर थोड़ा बहुत उड़े परंतु ओलों की मार से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े बहुत सारे मर गए मैना जिस आम के पेड़ पर बैठी थी ,उसकी एक डाली टूट कर गिर गई डाल टूटने से उसके झड़ के पास एक जगह हो गई छोटी मैना उसमें घुस गई और उसे एक भी ओला नहीं लगा |
सवेरा हुआ और कुछ देर बाद चमकीली धूप निकली मैंना उसमें से बाहर निकली और पंख फैलाकर चेहकने लगी उसने भगवान को प्रणाम किया | ओलों से घायल पड़े कौवो ने मैंना को उड़ते देखकर कहा मैंना बहन तुम रात भर कहां रही थी | ओलो से किसने बचाया मैंना ने कहा मैं आम के पेड़ पर अकेली बैठी भगवान से प्रार्थना करती रही और भगवान ने ही मेरी मदद की |सोमवार, 26 जुलाई 2021
मानव शरीर क्या है I Human body
क्या हमने अपने शरीर के बारे में सोचा है?.. यह 12 मंजिलों का घर जिसमें हम निवास करते हैं ? कितना आश्चर्यजनक है? इसमें कौन-कौन से अमोलक भंडार छिपे हैं ? इस अंधेरी, गहरी गुफा में कितने असली और चमकीले रत्न हीरे मोती भरे पड़े हैं? हमने कभी इन बातों के बारे में सोचा ही नहीं | क्या यह आश्चर्य का विषय नहीं है कि जिस घर में हम वर्षों से रह रहे हैं, उसके अंदर झांकने की हमने कभी चेस्टा ही नहीं कि? प्रतिदिन हम कुछ समय इस घर की बाहरी सफाई और संभालने में लगते हैं | सच तो यह है हम में से ज्यादातर लोग मिट्टी के इस नाशवान घरौंदे की बाहरी सजावट में तो बहुत समय बिता देते हैं परंतु कभी भी यह देखने का यत्न ही नहीं करते कि इसके भीतर कैसी-कैसी अद्भुत निंदिया छिपी पड़ी है | इस प्रकार हम यह नहीं जान पाते कि हम असली अनमोल हीरे की खान के स्वामी है |
वास्तव में सब महात्मा जिन्होंने भौतिक जागृत और आत्मा के बारे में छानबीन की है, इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हमारे शरीर में ही सब कुछ है हमारे अंदर यह दृश्यमान संसार और अदृश्य जगत दोनों ही है| सब महात्माओं का यह मत है कि प्रभु प्राप्ति केवल मनुष्य शरीर में ही हो सकती है| अंततः जो व्यक्ति अदृश्य, सूक्ष्म और आध्यात्मिक मंडलों की यात्रा करना चाहता है, उसे अपने ही शरीर के अंदर उनकी खोज करनी चाहिए | उस महान कलाकार प्रभु का असली कौशल अंतर में ही देखा और समझा जा सकता है | बाहर का दृश्यमान जगत केवल धोखा है | मानव शरीर तथा समूचे ब्रह्मांड की असलियत इस शरीर से बाहर कहीं भी साफ तौर पर नहीं देखी जा सकती |हमारे कर्मों का फल । The fruit of our deeds
संत हमे समझाते हैं कि अपनी वर्तमान अवस्था को सुधारने के लिए सबसे पहले हमें यह समझना चाहिए कि कौन से विचार और कर्म, हमें शांति और सामंजस्...

