मंगलवार, 27 जुलाई 2021

ईश्वर पर विश्वास I faith in god

 दोस्तों एक बार की बात है झाड़े का दिन था | और शाम होने वाली थी | आसमान में बादल छाए हुए थे | नीम के पेड़ पर बहुत कौवे बैठे हुए थे | वह बार-बार कांव-कांव कर रहे थे | और एक दूसरे से झगड़ा भी कर रहे थे ,उस समय एक मैंना वहां आई, और उसी पेड़ की एक डाल पर बैठ गई | मैना को देखते ही कई कौवे उस पर टूट पड़े बेचारी मैना ने कहा बादल बहुत है ,इसलिए अंधेरा बहुत हो गया है| और मैं अपना घोंसला भी भूल गई हूं | इसलिए आज रात मुझे यहां बैठने दो कौवो ने कहा 'नहीं यह हमारा पेड़ है, तू यहां से भाग जा मैना बोली यह पेड़ ईश्वर ने बनाए हैं इस सर्दी में अगर वर्षा हुई और ओले पड़े ईश्वर ही हमें बचा सकते हैं |  मैं बहुत छोटी हूं और तुम्हारी बहन भी हूं ,तुम लोग मुझ पर दया करो और मुझे यहां बैठने दो कौवो ने कहा तेरी जैसी बहन हमें नहीं चाहिए तू बहुत ईश्वर का नाम लेती है ईश्वर के भरोसे ही तू यहां से चली क्यों नहीं जाती तू नहीं जाएगी तो हम सब तुझे मार देंगे कौवो को कांव-कांव करते अपनी तरफ झपटते देखकर बेचारी मैना वहां से उड़ गई और थोड़ी दूर जाकर एक आम के पेड़ पर बैठ गई रात को आंधी आई बादल गरजे और बड़े-बड़े ओले बरसने लगे कौवे कांव-कांव करके चिल्लाए इधर से उधर थोड़ा बहुत उड़े परंतु ओलों की मार से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े बहुत सारे मर गए मैना जिस आम के पेड़ पर बैठी थी ,उसकी एक डाली टूट कर गिर गई डाल टूटने से उसके झड़ के पास एक जगह हो गई छोटी मैना उसमें घुस गई और उसे एक भी ओला नहीं लगा |

सवेरा हुआ और कुछ देर बाद चमकीली धूप निकली मैंना उसमें से बाहर निकली और पंख फैलाकर चेहकने लगी उसने भगवान को प्रणाम किया | ओलों से घायल पड़े कौवो ने मैंना को उड़ते देखकर कहा मैंना बहन तुम रात भर कहां रही थी | ओलो से किसने बचाया मैंना ने कहा मैं आम के पेड़ पर अकेली बैठी भगवान से प्रार्थना करती रही और भगवान ने ही मेरी मदद की |

दोस्तों दुखी पढ़े और असहाय अजीब को ईश्वर के सिवाय कोई नहीं बचा सकता | जो भी ईश्वर पर विश्वास करता है | और ईश्वर को याद करता है ईश्वर सभी आपत्ति और विपत्ति में उसकी सहायता करते हैं और उसकी रक्षा करते हैं ईश्वर की माया निराली है हमारे समझने में कमी हो सकती है परंतु ईश्वर के करने में नहीं ...तो दोस्तों आपको कैसी लगी आज की यह कहानी कमेंट में जरूर बताइए |

                                                                  
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